Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.142.53: 'यह सम्पूर्ण पृथ्वी सैकड़ों योजन नीचे चली गई है। अब किसके प्रभाव से यह कौन-सी विचित्र घटना घट रही है, जिससे सारा जगत व्याकुल हो गया है? कृपया शीघ्र ही इसका कारण बताइए। हम सब अचेत हो रहे हैं।'॥ 53॥ | mahabharat अध्याय 3.142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'यह सम्पूर्ण पृथ्वी सैकड़ों योजन नीचे चली गई है। अब किसके प्रभाव से यह कौन-सी विचित्र घटना घट रही है, जिससे सारा जगत व्याकुल हो गया है? कृपया शीघ्र ही इसका कारण बताइए। हम सब अचेत हो रहे हैं।'॥ 53॥
'This entire earth had gone down hundreds of yojanas. Now, due to whose influence, what strange event is happening that has made the whole world restless? Please tell us the reason for this quickly. We all are becoming unconscious.'॥ 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥