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श्लोक 3.142.44  |
विष्णुरुवाच
न ते महि भयं कार्यं भारार्ते वसुधारिणि।
अहमेवं तथा कुर्मि यथा लघ्वी भविष्यसि॥ ४४॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान विष्णु ने कहा - वसुधे ! तुम बोझ से पीड़ित हो; परंतु अब उससे डरो मत । मैं अब ऐसा उपाय करूँगा जिससे तुम्हारा बोझ हल्का हो जाएगा ॥ 44॥ |
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| Lord Vishnu said - Vasudhe! You are suffering from the burden; but do not fear it now. I will now take such measures by which you will become lighter. ॥ 44॥ |
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