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mahabharat 3.142.42: हे प्रभु! कृपा करके मुझ पर से यह बोझ हटा दीजिए। हे प्रभु! मैं आपकी शरण में आया हूँ। हे प्रभु! कृपा करके मुझ पर कृपा कीजिए॥ 42॥   |   mahabharat अध्याय 3.142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  3.142.42 
ममेमं भगवन् भारं व्यपनेतुं त्वमर्हसि।
शरणागतास्मि ते देव प्रसादं कुरु मे विभो॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! कृपा करके मुझ पर से यह बोझ हटा दीजिए। हे प्रभु! मैं आपकी शरण में आया हूँ। हे प्रभु! कृपा करके मुझ पर कृपा कीजिए॥ 42॥
 
O Lord! Kindly remove this burden from me. O Lord! I have come to your refuge. O Lord! Kindly shower your blessings on me.॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)