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mahabharat 3.142.28: इस प्रकार माया द्वारा मारे गए राक्षस की हड्डियों का यह समूह दिखाई दे रहा है। अब मैं तुम्हें भगवान विष्णु के इस दूसरे पराक्रम के बारे में बता रहा हूँ, जो सर्वत्र दिखाई दे रहा है। 28.   |   mahabharat अध्याय 3.142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.142.28 
तस्यैतदस्थिसंघातं मायाविनिहतस्य वै।
इदं द्वितीयमपरं विष्णो: कर्म प्रकाशते॥ २८॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार माया द्वारा मारे गए राक्षस की हड्डियों का यह समूह दिखाई दे रहा है। अब मैं तुम्हें भगवान विष्णु के इस दूसरे पराक्रम के बारे में बता रहा हूँ, जो सर्वत्र दिखाई दे रहा है। 28.
 
Thus this group of bones of the demon killed by Maya is visible. Now I am telling you about this second feat of Lord Vishnu, which is visible everywhere. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)