Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.141.19: मैं बहुत समय से उस अजेय योद्धा अर्जुन को नहीं देख पाया हूँ जो पराक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के समान तथा युद्ध में कार्तवीर्य अर्जुन के समान है; तथा जो युद्धस्थल में एक होने पर भी असंख्य प्रतीत होता है॥19॥ | mahabharat अध्याय 3.141: युधिष्ठिरका भीमसेनसे अर्जुनको न देखनेके कारण मानसिक चिन्ता प्रकट करना एवं उनके गुणोंका स्मरण करते हुए गन्धमादन पर्वतपर जानेका दृढ़ निश्चय करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं बहुत समय से उस अजेय योद्धा अर्जुन को नहीं देख पाया हूँ जो पराक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के समान तथा युद्ध में कार्तवीर्य अर्जुन के समान है; तथा जो युद्धस्थल में एक होने पर भी असंख्य प्रतीत होता है॥19॥
I have not been able to see for a long time that invincible warrior Arjun who is equal to Lord Krishna in prowess and Kartavirya Arjun in battle; and who appears as innumerable even though he is one in the battlefield.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥