Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.140.24-26: वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय! इस प्रकार बातें करते हुए वे सब आगे बढ़े। कुछ दूर जाने पर उन्हें कुलिन्दराज सुबाहु का विशाल राज्य दिखाई दिया, जहाँ हाथी और घोड़े बहुतायत में थे और किरात, तंगण और कुलिन्द आदि जंगली जातियों के सैकड़ों लोग रहते थे। देवताओं से सेवित वह देश हिमालय के बहुत निकट था। वहाँ अनेक प्रकार की अद्भुत वस्तुएँ दिखाई देती थीं। सुबाहु के उस राज्य को देखकर वे सब लोग बहुत प्रसन्न हुए। जब कुलिन्दों के राजा सुबाहु को पता चला कि पाण्डव उनके राज्य में आये हैं, तो उन्होंने राज्य की सीमा पर जाकर बड़े आदर और सत्कार के साथ उनका स्वागत किया। उनके द्वारा प्रेमपूर्वक पूजित होकर वे सब लोग वहाँ बहुत सुखपूर्वक रहने लगे। | mahabharat अध्याय 3.140: भीमसेनका उत्साह तथा पाण्डवोंका कुलिन्दराज सुबाहुके राज्यमें होते हुए गन्धमादन और हिमालय पर्वतको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय! इस प्रकार बातें करते हुए वे सब आगे बढ़े। कुछ दूर जाने पर उन्हें कुलिन्दराज सुबाहु का विशाल राज्य दिखाई दिया, जहाँ हाथी और घोड़े बहुतायत में थे और किरात, तंगण और कुलिन्द आदि जंगली जातियों के सैकड़ों लोग रहते थे। देवताओं से सेवित वह देश हिमालय के बहुत निकट था। वहाँ अनेक प्रकार की अद्भुत वस्तुएँ दिखाई देती थीं। सुबाहु के उस राज्य को देखकर वे सब लोग बहुत प्रसन्न हुए। जब कुलिन्दों के राजा सुबाहु को पता चला कि पाण्डव उनके राज्य में आये हैं, तो उन्होंने राज्य की सीमा पर जाकर बड़े आदर और सत्कार के साथ उनका स्वागत किया। उनके द्वारा प्रेमपूर्वक पूजित होकर वे सब लोग वहाँ बहुत सुखपूर्वक रहने लगे।
Vaishampayana says - Janamejaya! Talking in this manner, all of them proceeded further. After going some distance, they saw the huge kingdom of Kulindaraj Subahu, where there was abundance of elephants and horses, and hundreds of people of wild tribes like Kirata, Tangana and Kulinda lived. That country served by the gods was very close to the Himalayas. Many kinds of amazing things could be seen there. All of them were very happy to see that kingdom of Subahu. When the king of the Kulindas, Subahu, came to know that the Pandavas had come to his kingdom, he went to the border of the kingdom and welcomed them with great respect and honour. Being worshipped with love by him, all of them lived there very happily. 24-26.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥