Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.140.1: युधिष्ठिर ने कहा, "भीमसेन! यहाँ अनेक शक्तिशाली और विशालकाय राक्षस छिपे हुए हैं; अतः अग्निहोत्र और तप के प्रभाव से ही हम यहाँ से आगे बढ़ सकते हैं।" | mahabharat अध्याय 3.140: भीमसेनका उत्साह तथा पाण्डवोंका कुलिन्दराज सुबाहुके राज्यमें होते हुए गन्धमादन और हिमालय पर्वतको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर ने कहा, "भीमसेन! यहाँ अनेक शक्तिशाली और विशालकाय राक्षस छिपे हुए हैं; अतः अग्निहोत्र और तप के प्रभाव से ही हम यहाँ से आगे बढ़ सकते हैं।"
Yudhishthira said, "Bheemasena, many powerful and huge demons are hiding here; therefore, we can proceed further from here only due to the effect of Agnihotra and penance."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥