Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.14.22: हे महाबली! यही कार्य आ पड़ा था, जिसके कारण मैं उस समय न आ सका था। लौटते समय जैसे ही मैंने सुना कि दुर्योधन के दुराग्रह के कारण हस्तिनापुर में जुआ खेला गया (और पाण्डव उसमें अपना सब कुछ हारकर वन चले गए), मैं तुरन्त ही महान दुःख में पड़े हुए आप सब लोगों को देखने के लिए यहाँ आया हूँ। | mahabharat अध्याय 3.14: द्यूतके समय न पहुँचनेमें श्रीकृष्णके द्वारा शाल्वके साथ युद्ध करने और सौभविमानसहित उसे नष्ट करनेका संक्षिप्त वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महाबली! यही कार्य आ पड़ा था, जिसके कारण मैं उस समय न आ सका था। लौटते समय जैसे ही मैंने सुना कि दुर्योधन के दुराग्रह के कारण हस्तिनापुर में जुआ खेला गया (और पाण्डव उसमें अपना सब कुछ हारकर वन चले गए), मैं तुरन्त ही महान दुःख में पड़े हुए आप सब लोगों को देखने के लिए यहाँ आया हूँ।
O mighty one! This very work had come up, due to which I could not come at that time. On my return, as soon as I heard that gambling was played in Hastinapur due to the impudence of Duryodhan (and the Pandavas lost everything in it and went to the forest), I immediately came here to see you all who were in great sorrow.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि अर्जुनाभिगमनपर्वणि सौभवधोपाख्याने चतुर्दशोऽध्याय:॥ १४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत अर्जुनाभिगमनपर्वमें सौभवधोपाख्यानविषयक चौदहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥