Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.135.52: शक्तिशाली धनुषाक्ष ने ध्यान में देखा कि मेधावी रोग और मृत्यु से मुक्त हो गया है, तब उसने अपनी दीर्घायु के लिए बनाए गए पर्वतों को भैंसों से तुड़वा दिया ॥52॥ | mahabharat अध्याय 3.135: कर्दमिलक्षेत्र आदि तीर्थोंकी महिमा, रैभ्य एवं भरद्वाजपुत्र यवक्रीत मुनिकी कथा तथा ऋषियोंका अनिष्ट करनेके कारण मेधावीकी मृत्यु । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शक्तिशाली धनुषाक्ष ने ध्यान में देखा कि मेधावी रोग और मृत्यु से मुक्त हो गया है, तब उसने अपनी दीर्घायु के लिए बनाए गए पर्वतों को भैंसों से तुड़वा दिया ॥52॥
The powerful Dhanushaksh saw in meditation that Medhavi was free from disease and death. Then he got the mountains meant for his longevity to be torn apart by buffaloes. ॥52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥