Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.135.44: भारद्वाज बोले - हे प्रिये! इस प्रकार इच्छित वरदान पाकर तुम्हारे मन में अहंकार उत्पन्न हो जाएगा और अहंकार से भरकर तुम कृपण हो जाओगे और शीघ्र ही नष्ट हो जाओगे। | mahabharat अध्याय 3.135: कर्दमिलक्षेत्र आदि तीर्थोंकी महिमा, रैभ्य एवं भरद्वाजपुत्र यवक्रीत मुनिकी कथा तथा ऋषियोंका अनिष्ट करनेके कारण मेधावीकी मृत्यु । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भारद्वाज बोले - हे प्रिये! इस प्रकार इच्छित वरदान पाकर तुम्हारे मन में अहंकार उत्पन्न हो जाएगा और अहंकार से भरकर तुम कृपण हो जाओगे और शीघ्र ही नष्ट हो जाओगे।
Bharadwaj said - O dear! By getting the desired boon in this way, arrogance will arise in your mind and being filled with arrogance, you will become miserly and will soon be destroyed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥