Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.135.38: इन्द्र ने कहा - ऋषिवर! जिस प्रकार आपने वेदों का अध्ययन किये बिना उनका ज्ञान प्राप्त करने के लिए यह तपस्या की है, जिसकी सफलता असम्भव है, उसी प्रकार मैंने भी इस सेतु के निर्माण का कार्य अपने हाथ में लिया है। | mahabharat अध्याय 3.135: कर्दमिलक्षेत्र आदि तीर्थोंकी महिमा, रैभ्य एवं भरद्वाजपुत्र यवक्रीत मुनिकी कथा तथा ऋषियोंका अनिष्ट करनेके कारण मेधावीकी मृत्यु । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र ने कहा - ऋषिवर! जिस प्रकार आपने वेदों का अध्ययन किये बिना उनका ज्ञान प्राप्त करने के लिए यह तपस्या की है, जिसकी सफलता असम्भव है, उसी प्रकार मैंने भी इस सेतु के निर्माण का कार्य अपने हाथ में लिया है।
Indra said - Sage! Just as you have undertaken this penance to acquire knowledge of the Vedas without studying them, the success of which is impossible, similarly I have also taken up the task of building this bridge.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥