Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.135.29-30: लोमश कहते हैं - युधिष्ठिर! उस महामुनि का निश्चय जानकर बुद्धिमान इन्द्र ने उन्हें रोकने का उचित विचार किया और एक तपस्वी ब्राह्मण का रूप धारण कर लिया, जो कई सौ वर्ष का था और दुर्बल तथा क्षय रोग से पीड़ित दिखाई देता था। | mahabharat अध्याय 3.135: कर्दमिलक्षेत्र आदि तीर्थोंकी महिमा, रैभ्य एवं भरद्वाजपुत्र यवक्रीत मुनिकी कथा तथा ऋषियोंका अनिष्ट करनेके कारण मेधावीकी मृत्यु । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोमश कहते हैं - युधिष्ठिर! उस महामुनि का निश्चय जानकर बुद्धिमान इन्द्र ने उन्हें रोकने का उचित विचार किया और एक तपस्वी ब्राह्मण का रूप धारण कर लिया, जो कई सौ वर्ष का था और दुर्बल तथा क्षय रोग से पीड़ित दिखाई देता था।
Lomasha says - Yudhishthira! Knowing the resolve of that great sage, the wise Indra thought wisely to stop him and assumed the form of an ascetic Brahmin who was several hundred years old and who looked weak and suffering from tuberculosis.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥