Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.135.21: हे प्रभु! बहुत समय के बाद गुरु के मुख से वेदों का ज्ञान प्राप्त होता है। अतः मेरा यह महान् प्रयास है कि शीघ्र ही सम्पूर्ण वेदों का ज्ञान प्राप्त कर लूँ। 21॥ | mahabharat अध्याय 3.135: कर्दमिलक्षेत्र आदि तीर्थोंकी महिमा, रैभ्य एवं भरद्वाजपुत्र यवक्रीत मुनिकी कथा तथा ऋषियोंका अनिष्ट करनेके कारण मेधावीकी मृत्यु । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! बहुत समय के बाद गुरु के मुख से वेदों का ज्ञान प्राप्त होता है। अतः मेरा यह महान् प्रयास है कि शीघ्र ही सम्पूर्ण वेदों का ज्ञान प्राप्त कर लूँ। 21॥
Lord! After a long time, knowledge of the Vedas can be gained from the mouth of the Guru. Therefore, this great effort of mine is to acquire the knowledge of the entire Vedas soon. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥