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mahabharat 3.135.10: युधिष्ठिर ने पूछा-ब्राह्मण! प्रतापी भारद्वाज मुनि योगयुक्त कैसे हुए और उनके पुत्र यवक्रीत का विनाश क्यों हुआ?॥ 10॥   |   mahabharat अध्याय 3.135: कर्दमिलक्षेत्र आदि तीर्थोंकी महिमा, रैभ्य एवं भरद्वाजपुत्र यवक्रीत मुनिकी कथा तथा ऋषियोंका अनिष्ट करनेके कारण मेधावीकी मृत्यु   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 135: कर्दमिलक्षेत्र आदि तीर्थोंकी महिमा, रैभ्य एवं भरद्वाजपुत्र यवक्रीत मुनिकी कथा तथा ऋषियोंका अनिष्ट करनेके कारण मेधावीकी मृत्यु  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.135.10 
युधिष्ठिर उवाच
कथं युक्तोऽभवदृषिर्भरद्वाज: प्रतापवान्।
किमर्थं च यवक्रीत: पुत्रोऽनश्यत वै मुने:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा-ब्राह्मण! प्रतापी भारद्वाज मुनि योगयुक्त कैसे हुए और उनके पुत्र यवक्रीत का विनाश क्यों हुआ?॥ 10॥
 
Yudhishthir asked – Brahmin! How did the glorious Bhardwaj Muni become Yogayukt and why was his son Yavakrit destroyed?॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)