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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 135: कर्दमिलक्षेत्र आदि तीर्थोंकी महिमा, रैभ्य एवं भरद्वाजपुत्र यवक्रीत मुनिकी कथा तथा ऋषियोंका अनिष्ट करनेके कारण मेधावीकी मृत्यु  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.135.1 
लोमश उवाच
एषा मधुविला राजन् समङ्गा सम्प्रकाशते।
एतत् कर्दमिलं नाम भरतस्याभिषेचनम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
लोमशजी कहते हैं - हे राजन! यह मधुविला नदी चमक रही है। इसका दूसरा नाम समंगा है और यही कर्दमिल नामक क्षेत्र है, जहाँ राजा भरत का अभिषेक हुआ था।
 
Lomashaji says - O King! This Madhuvila river is shining. Its other name is Samanga and this is the area called Kardamil, where King Bharat was anointed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)