Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.134.7: लोमश कहते हैं - युधिष्ठिर! (जब बंदी उनके सामने आया) अष्टावक्र राजसभा में गर्जना करते हुए बंदी पर क्रोधित हो उठे और इस प्रकार बोले - 'तुम मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दो और मैं तुम्हारे द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दूंगा।' | mahabharat अध्याय 3.134: बन्दी और अष्टावक्रका शास्त्रार्थ, बन्दीकी पराजय तथा समङ्गामें स्नानसे अष्टावक्रके अंगोंका सीधा होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोमश उवाच
एवमष्टावक्र: समितौ हि गर्जन्-
जातक्रोधो बन्दिनमाह राजन्।
उक्ते वाक्ये चोत्तरं मे ब्रवीहि
वाक्यस्य चाप्युत्तरं ते ब्रवीमि॥ ७॥
अनुवाद
लोमश कहते हैं - युधिष्ठिर! (जब बंदी उनके सामने आया) अष्टावक्र राजसभा में गर्जना करते हुए बंदी पर क्रोधित हो उठे और इस प्रकार बोले - 'तुम मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दो और मैं तुम्हारे द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दूंगा।'
Lomasha says - Yudhishthira! (When the prisoner appeared before him) Aṣṭāvakra roared in the royal court and became angry with the prisoner and said thus - 'You answer the question I asked and I will answer the question you ask.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥