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mahabharat 3.134.5: अष्टावक्र बोले, 'जिस प्रकार सभी पर्वत माणक से छोटे हैं, सभी बछड़े बैल से छोटे हैं, उसी प्रकार संसार के सभी राजा मिथिला के राजा जनक से छोटे हैं।'   |   mahabharat अध्याय 3.134: बन्दी और अष्टावक्रका शास्त्रार्थ, बन्दीकी पराजय तथा समङ्गामें स्नानसे अष्टावक्रके अंगोंका सीधा होना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 134: बन्दी और अष्टावक्रका शास्त्रार्थ, बन्दीकी पराजय तथा समङ्गामें स्नानसे अष्टावक्रके अंगोंका सीधा होना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.134.5 
अष्टावक्र उवाच
सर्वे राज्ञो मैथिलस्य मैनाकस्येव पर्वता:।
निकृष्टभूता राजानो वत्सा अनडुहो यथा॥ ५॥
 
 
अनुवाद
अष्टावक्र बोले, 'जिस प्रकार सभी पर्वत माणक से छोटे हैं, सभी बछड़े बैल से छोटे हैं, उसी प्रकार संसार के सभी राजा मिथिला के राजा जनक से छोटे हैं।'
 
Aṣṭāvakra said, 'Just as all mountains are smaller than Mānaka, all calves are smaller than bulls, in the same manner all the kings of the world are inferior to King Janaka of Mithila.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)