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mahabharat 3.134.34: हे जगत के राजा! कभी-कभी दुर्बल पुरुष बलवान पुत्र को, मूर्ख पुरुष विद्वान पुत्र को और अज्ञानी पुरुष बुद्धिमान पुत्र को जन्म देता है ॥34॥   |   mahabharat अध्याय 3.134: बन्दी और अष्टावक्रका शास्त्रार्थ, बन्दीकी पराजय तथा समङ्गामें स्नानसे अष्टावक्रके अंगोंका सीधा होना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 134: बन्दी और अष्टावक्रका शास्त्रार्थ, बन्दीकी पराजय तथा समङ्गामें स्नानसे अष्टावक्रके अंगोंका सीधा होना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  3.134.34 
उताबलस्य बलवानुत बालस्य पण्डित:।
उत वाविदुषो विद्वान् पुत्रो जनक जायते॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
हे जगत के राजा! कभी-कभी दुर्बल पुरुष बलवान पुत्र को, मूर्ख पुरुष विद्वान पुत्र को और अज्ञानी पुरुष बुद्धिमान पुत्र को जन्म देता है ॥34॥
 
O King of the world, sometimes a weak person gives birth to a strong son, a fool gives birth to a learned son, and an ignorant person gives birth to a wise son. ॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)