Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.133.6: अष्टावक्र बोले - द्वारपाल ! यदि वृद्ध ब्राह्मणों के लिए द्वार खुला है, तो हमारा भी प्रवेश उचित है; क्योंकि हम वृद्ध हैं, हमने ब्रह्मचर्य व्रत का पालन किया है और हम वेदों के प्रभाव से धन्य हैं। | mahabharat अध्याय 3.133: अष्टावक्रका द्वारपाल तथा राजा जनकसे वार्तालाप । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अष्टावक्र बोले - द्वारपाल ! यदि वृद्ध ब्राह्मणों के लिए द्वार खुला है, तो हमारा भी प्रवेश उचित है; क्योंकि हम वृद्ध हैं, हमने ब्रह्मचर्य व्रत का पालन किया है और हम वेदों के प्रभाव से धन्य हैं।
Ashtavakra said - Gatekeeper! If the door is open for old Brahmins, then it is justified for us to enter as well; because we are old, we have observed the vow of celibacy and we are blessed with the influence of the Vedas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥