Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.133.19: ब्राह्मणों से यह समाचार सुनकर मैं यहाँ अद्वैत ब्रह्म का वर्णन करने आया हूँ। वे बंदी कहाँ हैं? उनसे मिलकर मैं उनका तेज उसी प्रकार नष्ट कर दूँगा, जैसे सूर्य तारों का प्रकाश नष्ट कर देता है॥19॥ | mahabharat अध्याय 3.133: अष्टावक्रका द्वारपाल तथा राजा जनकसे वार्तालाप । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मणों से यह समाचार सुनकर मैं यहाँ अद्वैत ब्रह्म का वर्णन करने आया हूँ। वे बंदी कहाँ हैं? उनसे मिलकर मैं उनका तेज उसी प्रकार नष्ट कर दूँगा, जैसे सूर्य तारों का प्रकाश नष्ट कर देता है॥19॥
Having heard this news from the Brahmins, I have come here to explain about the non-dual Brahman. Where are those prisoners? On meeting them, I will extinguish their brilliance in the same way as the Sun extinguishes the light of the stars.॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥