श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 131: राजा उशीनरद्वारा बाजको अपने शरीरका मांस देकर शरणमें आये हुए कबूतरके प्राणोंकी रक्षा करना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.131.25 
राजोवाच
अनुग्रहमिमं मन्ये श्येन यन्माभियाचसे।
तस्मात् तेऽद्य प्रदास्यामि स्वमांसं तुलया धृतम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
राजा ने कहा, "बाज़! मैं इसे तुम्हारा बड़ा उपकार मानता हूँ कि तुम मेरा मांस माँग रहे हो। इसलिए मैं अपना मांस तराजू पर रखकर तुम्हें दे दूँगा।"
 
The king said - Eagle! I consider it a great favour on your part that you are asking for my flesh. So I will put my flesh on the scale and give it to you. 25.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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