Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.131.23-24: बाज बोला- राजा उशीनर! यदि आप इस कबूतर से प्रेम करते हैं, तो इसके बराबर अपना मांस काटकर तराजू पर रख दीजिए। हे राजन! जब इसका वजन इस कबूतर के बराबर हो जाए, तो मुझे दे दीजिए, इससे मुझे संतुष्टि मिलेगी। | mahabharat अध्याय 3.131: राजा उशीनरद्वारा बाजको अपने शरीरका मांस देकर शरणमें आये हुए कबूतरके प्राणोंकी रक्षा करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्येन उवाच
उशीनर कपोते ते यदि स्नेहो नराधिप।
आत्मनो मांसमुत्कृत्य कपोततुलया धृतम्॥ २३॥
यदा समं कपोतेन तव मांसं नृपोत्तम।
तदा देयं तु तन्मह्यं सा मे तुष्टिर्भविष्यति॥ २४॥
अनुवाद
बाज बोला- राजा उशीनर! यदि आप इस कबूतर से प्रेम करते हैं, तो इसके बराबर अपना मांस काटकर तराजू पर रख दीजिए। हे राजन! जब इसका वजन इस कबूतर के बराबर हो जाए, तो मुझे दे दीजिए, इससे मुझे संतुष्टि मिलेगी।
The hawk said— King Ushinar! If you love this pigeon, then cut your flesh equal to this and put it on the scale. O king! When it becomes equal to this pigeon in weight, then give it to me, that will satisfy me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥