श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 131: राजा उशीनरद्वारा बाजको अपने शरीरका मांस देकर शरणमें आये हुए कबूतरके प्राणोंकी रक्षा करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.131.19 
यस्तु मे देवविहितो भक्ष: क्षत्रियपुङ्गव।
तमुत्सृज महीपाल कपोतमिममेव मे॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे क्षत्रियश्रेष्ठ! यह कबूतर ही मेरे लिए विधाता द्वारा नियुक्त भोजन है; अतः हे राजन, इसे मेरे लिए छोड़ दीजिए॥19॥
 
O great Kshatriya! This pigeon is the food that the Creator has ordained for me; therefore, O King, please leave this for me.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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