Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.131.1-2: तब बाज बोला - राजन! सभी राजा आपको ही धर्मात्मा मानते हैं। फिर आप यह धर्म-विरुद्ध कार्य कैसे करना चाहते हैं? महाराज! मैं भूख से पीड़ित हूँ और कबूतर मेरा आहार बना हुआ है। आपको धर्म के लोभ से उसकी रक्षा नहीं करनी चाहिए। वास्तव में उसे आश्रय देकर आपने धर्म का परित्याग कर दिया है।॥1-2॥ | mahabharat अध्याय 3.131: राजा उशीनरद्वारा बाजको अपने शरीरका मांस देकर शरणमें आये हुए कबूतरके प्राणोंकी रक्षा करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब बाज बोला - राजन! सभी राजा आपको ही धर्मात्मा मानते हैं। फिर आप यह धर्म-विरुद्ध कार्य कैसे करना चाहते हैं? महाराज! मैं भूख से पीड़ित हूँ और कबूतर मेरा आहार बना हुआ है। आपको धर्म के लोभ से उसकी रक्षा नहीं करनी चाहिए। वास्तव में उसे आश्रय देकर आपने धर्म का परित्याग कर दिया है।॥1-2॥
Then the hawk said - King! All the kings consider you to be the only righteous person. Then how do you want to do this act which is against all the dharmas. Maharaj! I am suffering from hunger and the pigeon has been fixed as my food. You should not protect it out of greed for dharma. In fact by giving it shelter you have abandoned dharma.॥1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥