Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.13.3-4: प्रभु! मैं आपके लिए भीष्म, द्रोण, कृपाचार्य, बाह्लीक और राजा धृतराष्ट्र को बुलाकर कहूँगा - ‘कुरुवंशी महाराज! आपके पुत्रों को जुआ नहीं खेलना चाहिए।’ राजन! मैं आपको द्यूतशाला में जुए के दोषों के बारे में स्पष्ट रूप से बताऊँगा, जिनके कारण आपको अपना राज्य गँवाना पड़ा है।॥3-4॥ | mahabharat अध्याय 3.13: श्रीकृष्णका जूएके दोष बताते हुए पाण्डवोंपर आयी हुई विपत्तिमें अपनी अनुपस्थितिको कारण मानना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रभु! मैं आपके लिए भीष्म, द्रोण, कृपाचार्य, बाह्लीक और राजा धृतराष्ट्र को बुलाकर कहूँगा - ‘कुरुवंशी महाराज! आपके पुत्रों को जुआ नहीं खेलना चाहिए।’ राजन! मैं आपको द्यूतशाला में जुए के दोषों के बारे में स्पष्ट रूप से बताऊँगा, जिनके कारण आपको अपना राज्य गँवाना पड़ा है।॥3-4॥
Lord! I would call Bhishma, Drona, Kripa, Bahlika and King Dhritarashtra for you and say - 'Maharaj of the Kuru dynasty! Your sons should not gamble.' King! I would clearly tell you in the gambling hall about the defects of gambling, due to which you have had to lose your kingdom. ॥ 3-4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥