Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.129.21: हे पुरुषश्रेष्ठ! इसमें स्नान करने से तुम्हारे सारे पाप धुल जाएँगे। कुन्तीनन्दन! यहाँ अनेक देवर्षि, ब्रह्मर्षि और राजर्षि ने सारस्वत यज्ञ का अनुष्ठान किया है। 21॥ | mahabharat अध्याय 3.129: कुरुक्षेत्रके द्वारभूत प्लक्षप्रस्रवण नामक यमुनातीर्थ एवं सरस्वतीतीर्थकी महिमा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पुरुषश्रेष्ठ! इसमें स्नान करने से तुम्हारे सारे पाप धुल जाएँगे। कुन्तीनन्दन! यहाँ अनेक देवर्षि, ब्रह्मर्षि और राजर्षि ने सारस्वत यज्ञ का अनुष्ठान किया है। 21॥
Male best! Bathing in it will wash away all your sins. Kuntinandan! Here many Devrshi, Brahmarshi and Rajarshi have performed the rituals of Saraswat Yagya. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥