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mahabharat 3.128.7: युधिष्ठिर! दस महीने बीत जाने पर राजा सोमक ने उन सबके गर्भ से सौ पुत्रों को जन्म दिया।   |   mahabharat अध्याय 3.128: सोमकको सौ पुत्रोंकी प्राप्ति तथा सोमक और पुरोहितका समानरूपसे नरक और पुण्यलोकोंका उपभोग करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.128.7 
ततो दशसु मासेषु सोमकस्य विशाम्पते।
जज्ञे पुत्रशतं पूर्णं तासु सर्वासु भारत॥ ७॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! दस महीने बीत जाने पर राजा सोमक ने उन सबके गर्भ से सौ पुत्रों को जन्म दिया।
 
Yudhishthira! After ten months had passed, from all of their wombs King Somaka gave birth to a hundred sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)