Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.128.20: यह उन्हीं राजा सोमक का पवित्र आश्रम है, जो आगे ही शोभायमान है। यहाँ क्षमापूर्वक छह रात्रि निवास करने से मनुष्य परम गति को प्राप्त होता है। | mahabharat अध्याय 3.128: सोमकको सौ पुत्रोंकी प्राप्ति तथा सोमक और पुरोहितका समानरूपसे नरक और पुण्यलोकोंका उपभोग करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह उन्हीं राजा सोमक का पवित्र आश्रम है, जो आगे ही शोभायमान है। यहाँ क्षमापूर्वक छह रात्रि निवास करने से मनुष्य परम गति को प्राप्त होता है।
This is the holy hermitage of the same king Somaka which is looking beautiful just ahead. By staying here for six nights with forgiveness, a person attains the highest state.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥