Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.127.18: सोमक बोला - हे प्रभु! कृपया मुझे वह कर्म बताइए जिससे सौ पुत्र प्राप्त हो सकते हैं। चाहे वह करने योग्य हो या न हो, पर समझिए कि वह मेरे द्वारा किया गया है। | mahabharat अध्याय 3.127: सोमक और जन्तुका उपाख्यान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सोमक उवाच
कार्यं वा यदि वाकार्यं येन पुत्रशतं भवेत्।
कृतमेवेति तद् विद्धि भगवान् प्रब्रवीतु मे॥ १८॥
अनुवाद
सोमक बोला - हे प्रभु! कृपया मुझे वह कर्म बताइए जिससे सौ पुत्र प्राप्त हो सकते हैं। चाहे वह करने योग्य हो या न हो, पर समझिए कि वह मेरे द्वारा किया गया है।
Somaka said - O Lord! Please tell me the deed which can result in hundred sons. Whether it is worth doing or not, consider that it has been done by me. 18.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥