Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.127.10: तब सम्पूर्ण लोकों का नाश करने वाले राजा सोमक अपने मन्त्रियों के साथ उठकर बड़ी शीघ्रता से अन्तःकक्ष में गए और अपने पुत्र को आश्वासन दिया॥10॥ | mahabharat अध्याय 3.127: सोमक और जन्तुका उपाख्यान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वरमाण: स चोत्थाय सोमक: सह मन्त्रिभि:।
प्रविश्यान्त:पुरं पुत्रमाश्वासयदरिंदम:॥ १०॥
अनुवाद
तब सम्पूर्ण लोकों का नाश करने वाले राजा सोमक अपने मन्त्रियों के साथ उठकर बड़ी शीघ्रता से अन्तःकक्ष में गए और अपने पुत्र को आश्वासन दिया॥10॥
Then King Somaka, the destroyer of all the worlds, along with his ministers, stood up and entered the inner chamber in great haste and assured his son.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥