Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.126.6: वह पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ था। उसने एक हजार अश्वमेध यज्ञ पूरे किए तथा अन्य महान यज्ञों द्वारा बहुत-सी दक्षिणा लेकर भगवान की पूजा की। | mahabharat अध्याय 3.126: राजा मान्धाताकी उत्पत्ति और संक्षिप्त चरित्र । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अश्वमेधसहस्रं च प्राप्य धर्मभृतां वर:।
अन्यैश्च क्रतुभिर्मुख्यैरयजत् स्वाप्तदक्षिणै:॥ ६॥
अनुवाद
वह पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ था। उसने एक हजार अश्वमेध यज्ञ पूरे किए तथा अन्य महान यज्ञों द्वारा बहुत-सी दक्षिणा लेकर भगवान की पूजा की।
He was the best among the virtuous. He completed a thousand Ashwamedha sacrifices and worshipped God by performing other great sacrifices with a lot of dakshina. 6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥