Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.126.19-20: तब भगवान च्यवन ने कहा, 'हे महाबल और पराक्रम से संपन्न राजा युवनाश्व, आपने यह गलत काम किया है। इस घड़े में मैंने आपको पुत्र प्रदान करने के लिए तपस्या से पवित्र किया हुआ जल रखा था और घोर तपस्या करके इसमें ब्रह्मतेज की स्थापना की थी। | mahabharat अध्याय 3.126: राजा मान्धाताकी उत्पत्ति और संक्षिप्त चरित्र । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब भगवान च्यवन ने कहा, 'हे महाबल और पराक्रम से संपन्न राजा युवनाश्व, आपने यह गलत काम किया है। इस घड़े में मैंने आपको पुत्र प्रदान करने के लिए तपस्या से पवित्र किया हुआ जल रखा था और घोर तपस्या करके इसमें ब्रह्मतेज की स्थापना की थी।
Then Lord Chyavan said, 'O King Yuvanashwa, endowed with great strength and valour, you have done wrong. In this pitcher, I had kept water sanctified by penance to grant you a son and by performing severe penance, I had established Brahmatej in it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥