कस्य कर्मेदमिति ते पर्यपृच्छन् समागता:।
युवनाश्वो ममेत्येवं सत्यं समभिपद्यत॥ १८॥
अनुवाद
तब वे सब लोग इकट्ठे होकर एक दूसरे से पूछने लगे, ‘यह किसका कर्म है?’ युवनाश्व ने आगे आकर कहा, ‘यह मेरा कर्म है।’ इस प्रकार उन्होंने सत्य को स्वीकार कर लिया॥18॥
Then they all gathered together and started asking each other, 'Whose deed is this?' Yuvanashwa came forward and said, 'This is my deed.' Thus they accepted the truth.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)