Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.125.21-23: राजन! देवताओं और ऋषियों ने यहीं चरुभोजन किया था। इसके निकट ही सदानीरा यमुना नदी बहती है। भगवान कृष्ण ने भी यहाँ तपस्या की है। हे शत्रुदमन! नकुल, सहदेव, भीमसेन, द्रौपदी और हम सभी आपके साथ इस स्थान पर चलेंगे। पाण्डुपुत्र! यह इन्द्र का पवित्र झरना है। हे मनुष्यों के स्वामी! यह वही स्थान है जहाँ धाता, विधाता और वरुण उच्च लोक को गए थे। | mahabharat अध्याय 3.125: अश्विनीकुमारोंका यज्ञमें भाग स्वीकार कर लेनेपर इन्द्रका संकट-मुक्त होना तथा लोमशजीके द्वारा अन्यान्य तीर्थोंके महत्त्वका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! देवताओं और ऋषियों ने यहीं चरुभोजन किया था। इसके निकट ही सदानीरा यमुना नदी बहती है। भगवान कृष्ण ने भी यहाँ तपस्या की है। हे शत्रुदमन! नकुल, सहदेव, भीमसेन, द्रौपदी और हम सभी आपके साथ इस स्थान पर चलेंगे। पाण्डुपुत्र! यह इन्द्र का पवित्र झरना है। हे मनुष्यों के स्वामी! यह वही स्थान है जहाँ धाता, विधाता और वरुण उच्च लोक को गए थे।
King! The gods and sages had eaten Charu Bhojan here. The everlasting river Yamuna flows near it. Lord Krishna has also performed penance here. O Shatrudaman! Nakul, Sahadeva, Bhimsen, Draupadi and all of us will accompany you to this place. Son of Pandu! This is the holy spring of Indra. O Lord of men! This is the same place where Dhata, Vidhata and Varuna have gone to the higher world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥