श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 123: अश्विनीकुमारोंकी कृपासे महर्षि च्यवनको सुन्दर रूप और युवावस्थाकी प्राप्ति  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.123.8 
सर्वाभरणसम्पन्ना परमाम्बरधारिणी।
शोभसे त्वनवद्याङ्गि न त्वेवं मलपङ्किनी॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे निर्दोष अंगों वाली सुन्दरी! यदि तुम सभी आभूषणों से सुसज्जित होकर सुन्दर वस्त्र पहनोगी, तो उस समय तुम्हारी जो सुन्दरता होगी, वह इस मैल और कीचड़ से भरे हुए वस्त्र में नहीं दिखाई देगी।
 
'O beautiful lady with flawless body parts! If you adorn yourself with all the ornaments and wear nice clothes, then the beauty you will have at that time is not visible in this dirty dress filled with filth and mud.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)