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mahabharat 3.123.11: हे दिव्य कन्या के समान सुन्दरी राजकुमारी! अपनी जवानी वृद्ध पति के लिए नष्ट मत करो। उनके ऐसा कहने पर सुकन्या ने दोनों देवताओं से कहा -॥11॥   |   mahabharat अध्याय 3.123: अश्विनीकुमारोंकी कृपासे महर्षि च्यवनको सुन्दर रूप और युवावस्थाकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 123: अश्विनीकुमारोंकी कृपासे महर्षि च्यवनको सुन्दर रूप और युवावस्थाकी प्राप्ति  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.123.11 
पत्यर्थं देवगर्भाभे मा वृथा यौवनं कृथा:।
एवमुक्ता सुकन्यापि सुरौ ताविदमब्रवीत्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे दिव्य कन्या के समान सुन्दरी राजकुमारी! अपनी जवानी वृद्ध पति के लिए नष्ट मत करो। उनके ऐसा कहने पर सुकन्या ने दोनों देवताओं से कहा -॥11॥
 
'O beautiful princess like a celestial maiden! Do not waste your youth for an old husband.' On their saying so, Sukanyā said to the two gods -॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)