Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.120.31: श्रीकृष्ण को विदा करने के बाद धर्मराज युधिष्ठिर, लोमशजी, अपने भाइयों और सेवकों के साथ पवित्र पयोष्णी नदी के तट पर गए, जो महान तीर्थों से परिपूर्ण पवित्र नदी है और विदर्भ के राजा द्वारा पूजित है। | mahabharat अध्याय 3.120: सात्यकिके शौर्यपूर्ण उद्गार तथा युधिष्ठिरद्वारा श्रीकृष्णके वचनोंका अनुमोदन एवं पाण्डवोंका पयोष्णी नदीके तटपर निवास । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीकृष्ण को विदा करने के बाद धर्मराज युधिष्ठिर, लोमशजी, अपने भाइयों और सेवकों के साथ पवित्र पयोष्णी नदी के तट पर गए, जो महान तीर्थों से परिपूर्ण पवित्र नदी है और विदर्भ के राजा द्वारा पूजित है।
After bidding farewell to Sri Krishna, Dharmaraja Yudhishthira, along with Lomashji, his brothers and servants, went to the banks of the holy river Payoshni, which is a sacred river full of great pilgrimage sites and is worshipped by the King of Vidarbha.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥