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mahabharat 3.12.94: वहाँ व्याकुल पांडव अपनी माता सहित थककर सो गए। उनके सो जाने पर हिडिम्बा नामक राक्षसी उनके पास आई।   |   mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना  »  श्लोक 94
 
 
श्लोक  3.12.94 
श्रान्ता: प्रसुप्तास्तत्रेमे मात्रा सह सुदु:खिता:।
सुप्तांश्चैनानभ्यगच्छद्धिडिम्बा नाम राक्षसी॥ ९४॥
 
 
अनुवाद
वहाँ व्याकुल पांडव अपनी माता सहित थककर सो गए। उनके सो जाने पर हिडिम्बा नामक राक्षसी उनके पास आई।
 
There the distressed Pandavas along with their mother fell asleep out of exhaustion. After they fell asleep a demoness named Hidimba came to them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)