Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.12.73-74: युधिष्ठिर से प्रतिविन्ध्य, भीमसेन से सुतसोम, अर्जुन से श्रुतकीर्ति, नकुल से शतानीक और छोटे पाण्डव सहदेव से श्रुतकर्मा उत्पन्न हुए। ये सभी कुमार सचमुच वीर हैं। श्रीकृष्ण! आपका पुत्र प्रद्युम्न जैसा वीर है, उसी प्रकार वह मेरा भी महान पुत्र है। 73-74॥ | mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रतिविन्ध्यो युधिष्ठिरात् सुतसोमो वृकोदरात्।
अर्जुनाच्छ्रुतकीर्तिश्च शतानीकस्तु नाकुलि:॥ ७३॥
कनिष्ठाच्छ्रुतकर्मा च सर्वे सत्यपराक्रमा:।
प्रद्युम्नो यादृश: कृष्ण तादृशास्ते महारथा:॥ ७४॥
अनुवाद
युधिष्ठिर से प्रतिविन्ध्य, भीमसेन से सुतसोम, अर्जुन से श्रुतकीर्ति, नकुल से शतानीक और छोटे पाण्डव सहदेव से श्रुतकर्मा उत्पन्न हुए। ये सभी कुमार सचमुच वीर हैं। श्रीकृष्ण! आपका पुत्र प्रद्युम्न जैसा वीर है, उसी प्रकार वह मेरा भी महान पुत्र है। 73-74॥
Prativindhya was born from Yudhishthira, Sutasoma from Bhimsen, Shrutkirti from Arjun, Satanika from Nakul and Shrutkarma was born from the younger Pandava Sahadev. All these Kumars are truly brave. Sri Krishna! Your son is as brave as Pradyumna, similarly he is also my great son. 73-74॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥