Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.12.61: हे भगवान् कृष्ण! क्या मुझ जैसी स्त्री को, जो आपकी सखी कुन्तीपुत्रों की पत्नी है, तथा धृष्टद्युम्न जैसे वीर पुरुष की बहिन है, किसी प्रकार से (बाल पकड़कर) सभा में घसीटा जा सकता है?॥ 61॥ | mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कथं नु भार्या पार्थानां तव कृष्ण सखी विभो।
धृष्टद्युम्नस्य भगिनी सभां कृष्येत मादृशी॥ ६१॥
अनुवाद
हे भगवान् कृष्ण! क्या मुझ जैसी स्त्री को, जो आपकी सखी कुन्तीपुत्रों की पत्नी है, तथा धृष्टद्युम्न जैसे वीर पुरुष की बहिन है, किसी प्रकार से (बाल पकड़कर) सभा में घसीटा जा सकता है?॥ 61॥
O Lord Krishna! Can a woman like me, who is the wife of the sons of Kunti, your friend and the sister of a brave man like Dhrishtadyumna, be dragged into the assembly by any means (by holding her hair)?॥ 61॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥