Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.12.60: मधुसूदन! आपके प्रति मेरे प्रेम के कारण मैं आपसे अपना दुःख प्रकट करूँगा; क्योंकि आप दिव्य और मनुष्य लोक के समस्त प्राणियों के ईश्वर हैं॥60॥ | mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सा तेऽहं दु:खमाख्यास्ये प्रणयान्मधुसूदन।
ईशस्त्वं सर्वभूतानां ये दिव्या ये च मानुषा:॥ ६०॥
अनुवाद
मधुसूदन! आपके प्रति मेरे प्रेम के कारण मैं आपसे अपना दुःख प्रकट करूँगा; क्योंकि आप दिव्य और मनुष्य लोक के समस्त प्राणियों के ईश्वर हैं॥60॥
Madhusudan! Because of my love for you, I will express my sorrow to you; because you are the God of all the creatures in the divine and human world. ॥ 60॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥