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mahabharat 3.12.54: हे पुरुषश्रेष्ठ! जैसे बालक खिलौनों से खेलता है, उसी प्रकार आप ब्रह्मा, शिव और इन्द्र आदि देवताओं के साथ बार-बार खेलते हैं।   |   mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  3.12.54 
ब्रह्मशंकरशक्राद्यैर्दैववृन्दै: पुन: पुन:।
क्रीडसे त्वं नरव्याघ्र बाल: क्रीडनकैरिव॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! जैसे बालक खिलौनों से खेलता है, उसी प्रकार आप ब्रह्मा, शिव और इन्द्र आदि देवताओं के साथ बार-बार खेलते हैं।
 
O best of men! Just as a child plays with toys, in the same way you repeatedly play with the gods like Brahma, Shiva and Indra. 54.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)