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mahabharat 3.12.32: प्रभु! आपने क्रोधवश इन्द्रद्युम्न को मार डाला तथा यवन जाति के कसेरुमान और सौभपति शाल्व को भी यमलोक भेज दिया। साथ ही शाल्व का सौभ विमान भी टुकड़े-टुकड़े होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा। 32॥   |   mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  3.12.32 
इन्द्रद्युम्नो हत: कोपाद् यवनश्च कसेरुमान्।
हत: सौभपति: शाल्वस्त्वया सौभं च पातितम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
प्रभु! आपने क्रोधवश इन्द्रद्युम्न को मार डाला तथा यवन जाति के कसेरुमान और सौभपति शाल्व को भी यमलोक भेज दिया। साथ ही शाल्व का सौभ विमान भी टुकड़े-टुकड़े होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा। 32॥
 
Lord! Out of anger, you killed Indradyumna and also sent Yavan caste Kaseruman and Saubhapati Shalva to Yamalok. At the same time, Shalva's Saubha Vimana was also torn to pieces and fell on the earth. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)