Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.12.23: मधुसूदन श्रीकृष्ण! आपने चैत्ररथ वन में अनेक यज्ञ किये हैं। आप सबमें श्रेष्ठ शरणस्थल, देवताओं के रत्न और अत्यंत तेजस्वी हैं॥23॥ | mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परायणं देवमूर्धा क्रतुभिर्मधुसूदन।
अयजो भूरितेजा वै कृष्ण चैत्ररथे वने॥ २३॥
अनुवाद
मधुसूदन श्रीकृष्ण! आपने चैत्ररथ वन में अनेक यज्ञ किये हैं। आप सबमें श्रेष्ठ शरणस्थल, देवताओं के रत्न और अत्यंत तेजस्वी हैं॥23॥
Madhusudan Shri Krishna! You have performed many sacrifices in Chaitrarath forest. You are the best refuge of all, the jewel of the gods and extremely illustrious.॥23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥