Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.12.128-129: श्रीकृष्ण बोले - भाविनी! जिन पर तुम क्रोधित हो, उनकी पत्नियाँ भी अपने प्रिय पतियों को अर्जुन के बाणों से छिन्न-भिन्न होकर रक्त से लथपथ भूमि पर मृत पड़े देखकर इसी प्रकार विलाप करेंगी। पाण्डवों के कल्याण के लिए मैं जो भी संभव होगा, करूँगा, तुम शोक मत करो। 128-129। | mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीकृष्ण बोले - भाविनी! जिन पर तुम क्रोधित हो, उनकी पत्नियाँ भी अपने प्रिय पतियों को अर्जुन के बाणों से छिन्न-भिन्न होकर रक्त से लथपथ भूमि पर मृत पड़े देखकर इसी प्रकार विलाप करेंगी। पाण्डवों के कल्याण के लिए मैं जो भी संभव होगा, करूँगा, तुम शोक मत करो। 128-129।
Shri Krishna said - Bhavini! The wives of those on whom you are angry will also cry in the same way on seeing their beloved husbands lying dead on the ground, torn apart by Arjun's arrows and soaked in blood. I will do whatever is possible for the welfare of the Pandavas, do not grieve. 128-129.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥