Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.12.112: उस यात्रा में उनके प्रिय तथा उनके कल्याण में तत्पर व्यासजी उनके सलाहकार हुए और उत्तम व्रत का पालन करने वाले पाण्डव उनकी सलाह से एकचक्रपुरी को गए ॥112॥ | mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रस्थाने व्यास एषां च मन्त्री प्रियहिते रत:।
ततोऽगच्छन्नेकचक्रां पाण्डवा: संशितव्रता:॥ ११२॥
अनुवाद
उस यात्रा में उनके प्रिय तथा उनके कल्याण में तत्पर व्यासजी उनके सलाहकार हुए और उत्तम व्रत का पालन करने वाले पाण्डव उनकी सलाह से एकचक्रपुरी को गए ॥112॥
During that journey, Vyasji, his beloved and engaged in his welfare, became his advisor. The Pandavas, who followed the best fast, went to Ekakkrapuri with his advice. 112॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥