Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.12.11: अर्जुन बोले - श्री कृष्ण! पूर्वकाल में आपने गंधमादन पर्वत पर यत्रसयांगगृह नामक मुनि के वेश में दस हजार वर्षों तक विहार किया है; अर्थात् नारायण ऋषि के वेश में रहे हैं। | mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन उवाच
दश वर्षसहस्राणि यत्रसायंगृहो मुनि:।
व्यचरस्त्वं पुरा कृष्ण पर्वते गन्धमादने॥ ११॥
अनुवाद
अर्जुन बोले - श्री कृष्ण! पूर्वकाल में आपने गंधमादन पर्वत पर यत्रसयांगगृह नामक मुनि के वेश में दस हजार वर्षों तक विहार किया है; अर्थात् नारायण ऋषि के वेश में रहे हैं।
Arjuna said - Shri Krishna! In the past you have roamed around in the guise of a sage named Yatrasayangruha* on the Gandhamadana mountain for ten thousand years; that is, you have lived in the guise of Narayan Rishi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥