Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.116.6-7: राजा! जब वह स्नान करके लौट रही थी, तब अचानक उसकी दृष्टि मर्तिकावत देश के राजा चित्ररथ पर पड़ी, जो कमलों की माला पहने अपनी पत्नी के साथ जल में क्रीड़ा कर रहे थे। उस ऐश्वर्यशाली राजा को उस अवस्था में देखकर रेणुका ने उनसे कामना की। 6-7।   |   mahabharat अध्याय 3.116: पिताकी आज्ञासे परशुरामजीका अपनी माताका मस्तक काटना और उन्हींके वरदानसे पुन: जिलाना, परशुरामजीद्वारा कार्तवीर्य-अर्जुनका वध और उसके पुत्रोंद्वारा जमदग्नि मुनिकी हत्या   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 116: पिताकी आज्ञासे परशुरामजीका अपनी माताका मस्तक काटना और उन्हींके वरदानसे पुन: जिलाना, परशुरामजीद्वारा कार्तवीर्य-अर्जुनका वध और उसके पुत्रोंद्वारा जमदग्नि मुनिकी हत्या  »  श्लोक 6-7
 
 
श्लोक  3.116.6-7 
सा तु चित्ररथं नाम मार्तिकावतकं नृपम्।
ददर्श रेणुका राजन्नागच्छन्ती यदृच्छया॥ ६॥
क्रीडन्तं सलिले दृष्ट्वा सभार्यं पद्ममालिनम्।
ऋद्धिमन्तं ततस्तस्य स्पृहयामास रेणुका॥ ७॥
 
 
अनुवाद
राजा! जब वह स्नान करके लौट रही थी, तब अचानक उसकी दृष्टि मर्तिकावत देश के राजा चित्ररथ पर पड़ी, जो कमलों की माला पहने अपनी पत्नी के साथ जल में क्रीड़ा कर रहे थे। उस ऐश्वर्यशाली राजा को उस अवस्था में देखकर रेणुका ने उनसे कामना की। 6-7।
 
King! When she was returning after taking a bath, suddenly her sight fell on King Chitrarath of Martikavat country, who was playing in the water with his wife wearing a garland of lotuses. Seeing that prosperous king in that state, Renuka desired him. 6-7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)