Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.116.25: इस प्रकार परशुरामजी से पराजित होकर कार्तवीर्य अर्जुन काल की गोद में चले गए। पिता के मारे जाने पर अर्जुनपुत्र परशुरामजी क्रोधित हो गए॥25॥ | mahabharat अध्याय 3.116: पिताकी आज्ञासे परशुरामजीका अपनी माताका मस्तक काटना और उन्हींके वरदानसे पुन: जिलाना, परशुरामजीद्वारा कार्तवीर्य-अर्जुनका वध और उसके पुत्रोंद्वारा जमदग्नि मुनिकी हत्या । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अभिभूत: स रामेण संयुक्त: कालधर्मणा।
अर्जुनस्याथ दायादा रामेण कृतमन्यव:॥ २५॥
अनुवाद
इस प्रकार परशुरामजी से पराजित होकर कार्तवीर्य अर्जुन काल की गोद में चले गए। पिता के मारे जाने पर अर्जुनपुत्र परशुरामजी क्रोधित हो गए॥25॥
In this way, Kartavirya, defeated by Parashurama, went into the lap of Arjun Kaal. Arjun's son Parshuramji became angry after his father was killed. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥