Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.116.2: युधिष्ठिर! तब ऋषि जमदग्नि ने राजा प्रसेनजित के पास जाकर उनकी पुत्री रेणुका की याचना की और राजा ने अपनी पुत्री का विवाह ऋषि के साथ कर दिया॥2॥ | mahabharat अध्याय 3.116: पिताकी आज्ञासे परशुरामजीका अपनी माताका मस्तक काटना और उन्हींके वरदानसे पुन: जिलाना, परशुरामजीद्वारा कार्तवीर्य-अर्जुनका वध और उसके पुत्रोंद्वारा जमदग्नि मुनिकी हत्या । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स प्रसेनजितं राजन्नधिगम्य नराधिपम्।
रेणुकां वरयामास स च तस्मै ददौ नृप:॥ २॥
अनुवाद
युधिष्ठिर! तब ऋषि जमदग्नि ने राजा प्रसेनजित के पास जाकर उनकी पुत्री रेणुका की याचना की और राजा ने अपनी पुत्री का विवाह ऋषि के साथ कर दिया॥2॥
Yudhisthira! Then sage Jamdagni went to King Prasenjit and requested for his daughter Renuka and the king gave his daughter in marriage to the sage. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥